जन्म दिनांक 3 जनवरी 1831 ऑल इंडिया रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन, पुणे मंडल के तत्वावधान में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर पुणे रेलवे स्टेशन प्लॅटफॉर्म नंबर 1 पर पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम स्टेशन प्रबंधक श्री रामेकर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नेतृत्व किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री पी. वी. माली ने सावित्रीबाई फुले के अमूल्य सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 1831 को पुणे के समीप नायगांव में जन्मी सावित्रीबाई फुले ने भारतीय समाज में समानता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी।
श्री हनुमत लाल ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने 1 जनवरी 1848 में पुणे में पहला बालिका विद्यालय प्रारंभ कर उस युग में एक क्रांतिकारी कदम उठाया, जब महिलाओं की शिक्षा की कल्पना भी कठिन थी। उन्होंने जातिगत भेदभाव, छुआछूत और लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए शोषित वर्गों के उत्थान हेतु आजीवन कार्य किया।
श्री रविन्द्र धुमाल एवं श्री अनिल तिवारी स्टेशन मैनेजर ने रेलवे कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने आधिकारिक कर्तव्यों एवं व्यक्तिगत आचरण में समानता, न्याय और सेवा के मूल्यों को आत्मसात करें तथा महात्मा ज्योतिबा फुले की कल्पना के अनुरूप समावेशी एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम का समापन सावित्रीबाई फुले के आदर्शों का अनुसरण करने और एक अधिक समतामूलक एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
इस आयोजन को सफल बनाने में श्री पी. वी. माली (मंडल सचिव), श्री राकेश रंजन (मंडल अध्यक्ष) एवं श्री जयवंत भुजबल (मंडल कार्याध्यक्ष) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। श्री जानराव, दिलीप राऊत, श्री बटवाल, श्री विवेकानंद, श्री एस. के., संजय सिंह, श्री तेज नारायण सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों-श्री सचिन बनकर, प्रतीक्षा हिरवे, अमोल लहासे, सागर कुदळे, टोणे, चौधरी, सुजीत आनंद, पवनकर, संदीप शिंदे, पटेल, अक्षय शिंदे, अमोद कुमार, रवि रंजन, प्रमोद कुमार, ताम्हाणे, जितेंद्र मौर्य, वेल्हाल आदि ने सक्रिय सहभाग एवं सहयोग प्रदान किया
कार्यक्रम स्टेशन प्रबंधक श्री रामेकर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नेतृत्व किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री पी. वी. माली ने सावित्रीबाई फुले के अमूल्य सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 1831 को पुणे के समीप नायगांव में जन्मी सावित्रीबाई फुले ने भारतीय समाज में समानता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी।
श्री हनुमत लाल ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने 1 जनवरी 1848 में पुणे में पहला बालिका विद्यालय प्रारंभ कर उस युग में एक क्रांतिकारी कदम उठाया, जब महिलाओं की शिक्षा की कल्पना भी कठिन थी। उन्होंने जातिगत भेदभाव, छुआछूत और लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए शोषित वर्गों के उत्थान हेतु आजीवन कार्य किया।
श्री रविन्द्र धुमाल एवं श्री अनिल तिवारी स्टेशन मैनेजर ने रेलवे कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने आधिकारिक कर्तव्यों एवं व्यक्तिगत आचरण में समानता, न्याय और सेवा के मूल्यों को आत्मसात करें तथा महात्मा ज्योतिबा फुले की कल्पना के अनुरूप समावेशी एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम का समापन सावित्रीबाई फुले के आदर्शों का अनुसरण करने और एक अधिक समतामूलक एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
इस आयोजन को सफल बनाने में श्री पी. वी. माली (मंडल सचिव), श्री राकेश रंजन (मंडल अध्यक्ष) एवं श्री जयवंत भुजबल (मंडल कार्याध्यक्ष) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। श्री जानराव, दिलीप राऊत, श्री बटवाल, श्री विवेकानंद, श्री एस. के., संजय सिंह, श्री तेज नारायण सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों-श्री सचिन बनकर, प्रतीक्षा हिरवे, अमोल लहासे, सागर कुदळे, टोणे, चौधरी, सुजीत आनंद, पवनकर, संदीप शिंदे, पटेल, अक्षय शिंदे, अमोद कुमार, रवि रंजन, प्रमोद कुमार, ताम्हाणे, जितेंद्र मौर्य, वेल्हाल आदि ने सक्रिय सहभाग एवं सहयोग प्रदान किया

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