हड़पसर, जनवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
सावित्रीमाई फुले की जयंती सातारा जिले के लिंब (शेरी) गांव में एक त्यौहार के रूप में मनाई जाती है, जहां सावित्रीमाई का जन्म हुआ था। सावित्रीमाई की जयंती पिछले 10 सालों से मनाई जा रही है। सबसे पहले 1 जनवरी को भिड़ेवाडा जहां लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया गया था। उस मौके पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 61 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उसके बाद समाज प्रबोधनकार ह.भ.प. सावता महाराज फुले इंदापुर का भारुड रखा गया, जिसमें भारुड के माध्यम से सावित्रीमाई व महात्मा फुले के कार्यों को बताया गया। इसके साथ ही ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जब वे खेत पर जाकर हर दिन काम न करते हों ऐसी मेहनतकश महिलाओं के लिए विशेष होम मिनिस्टर का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें 400 सावित्री की बेटियों ने कार्यक्रम का पूरा आनंद उठाया। सुरूर गांव के एक स्कूल की लड़कियों ने लेज़िम की प्रस्तुति कर शोभायात्रा पर चार चांद लगाए। स्कूल के छात्रों ने सावित्रीमाई फुले के जीवन चरित्र पर आधारित विचार व्यक्त किए। इसके अलावा प्रतिष्ठान की ओर से गांव के सभी जरूरतमंद छात्रों को स्कूल की आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। प्रसिद्ध वक्ता श्री अमर शांताई अर्जुन हजारे ने फुले दंपत्ति के जीवन पर आधारित व्याख्यान दिया गया। इस अवसर पर यहां प्रमुख अतिथि के रूप में सातारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तथा वरिष्ठ दिवाणी न्यायाधीश श्रीमती नीना बेदरकर ने सावित्रीमाई के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों को शपथ दिलाई कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे।
उक्त कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन क्रांति सूर्य महात्मा फुले प्रतिष्ठान लिंब (शेरी) द्वारा किया गया था।
सावित्रीमाई फुले की जयंती सातारा जिले के लिंब (शेरी) गांव में एक त्यौहार के रूप में मनाई जाती है, जहां सावित्रीमाई का जन्म हुआ था। सावित्रीमाई की जयंती पिछले 10 सालों से मनाई जा रही है। सबसे पहले 1 जनवरी को भिड़ेवाडा जहां लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया गया था। उस मौके पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 61 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। उसके बाद समाज प्रबोधनकार ह.भ.प. सावता महाराज फुले इंदापुर का भारुड रखा गया, जिसमें भारुड के माध्यम से सावित्रीमाई व महात्मा फुले के कार्यों को बताया गया। इसके साथ ही ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जब वे खेत पर जाकर हर दिन काम न करते हों ऐसी मेहनतकश महिलाओं के लिए विशेष होम मिनिस्टर का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें 400 सावित्री की बेटियों ने कार्यक्रम का पूरा आनंद उठाया। सुरूर गांव के एक स्कूल की लड़कियों ने लेज़िम की प्रस्तुति कर शोभायात्रा पर चार चांद लगाए। स्कूल के छात्रों ने सावित्रीमाई फुले के जीवन चरित्र पर आधारित विचार व्यक्त किए। इसके अलावा प्रतिष्ठान की ओर से गांव के सभी जरूरतमंद छात्रों को स्कूल की आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। प्रसिद्ध वक्ता श्री अमर शांताई अर्जुन हजारे ने फुले दंपत्ति के जीवन पर आधारित व्याख्यान दिया गया। इस अवसर पर यहां प्रमुख अतिथि के रूप में सातारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तथा वरिष्ठ दिवाणी न्यायाधीश श्रीमती नीना बेदरकर ने सावित्रीमाई के प्रति अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों को शपथ दिलाई कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे।
उक्त कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन क्रांति सूर्य महात्मा फुले प्रतिष्ठान लिंब (शेरी) द्वारा किया गया था।

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