रुग्ण हक्क आंदोलन के संस्थापक अध्यक्ष दादाराव गायकवाड द्वारा सरकार से मांग
घोरपड़ी, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
लावारिस, अनाथ, मानसिक रोगी, गरीब, अपंग व मजदूरों के न्याय व हक्क के लिए महाराष्ट्र राज्य में ‘रुग्ण हक्क कायदा’ (मरीज हक कानून) लागू किया जाए। यह मांग रुग्ण हक्क आंदोलन (महाराष्ट्र राज्य) के संस्थापक अध्यक्ष दादाराव गायकवाड ने सरकार से की है।
उन्होंने कहा कि लावारिस, अनाथ, मानसिक रोगी, गरीब व मजदूरों को चिकित्सकीय सुविधा व उपचार किया जाए, इसका कानून में समावेश होना चाहिए। मरीजों के हक का कानून जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए, इसके लिए हम जल्द ही आंदोलन शुरू करेंगे और उसे संपूर्ण महाराष्ट्र राज्य में बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा।
श्री गायकवाड ने संपूर्ण राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कानून को लागू कराने के लिए अपनी अहम भूमिका अदा करें। अधिक जानकारी के लिए नागरिक मुझसे मेरे मोबाइल (9823105610) पर संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि वे उक्त लोगों के लिए तन-मन-धन से काम कर रहे हैं। जहां भी लावारिस, मनोरोगी, बीमार व अन्य परेशानी से पीड़ित व्यक्ति दिखाई देता है, उसकी सेवा के लिए मैं हमेशा तैयार रहता हूं। मैंने कई बार दानदाताओं से अपील की है कि वे आगे आएं और ऐसे लोगों की, जो भी आपसे बन पड़े मदद करें। कई लोगों ने आगे आकर हमें मदद भी की है।
श्री गायकवाड ने संकल्प लिया है कि वे एक भी अनाथ, लावारिस, मनोरोगी, अपंग को भूखे पेट नहीं सोने देंगे। इस काम में मेरी पत्नी कुशा गायकवाड, बेटा आदित्य और बेटी साक्षी का तहेदिल से सहयोग प्राप्त है, जिसके कारण इस कारवां को आगे ले जाने में मुझे हिम्मत मिल रही है। अब तक हम कई लोगों के अस्पताल के लाखों रुपयों के बिल माफ करवा चुके हैं, परंतु दुख इस बात का होता है कि वे धन्यवाद तक नहीं कहते। हमारा नारा है ‘तुमची हाक, माझी साथ’ (आप पुकारो, मैं आपके साथ हूं)। आज महाराष्ट्र में रुग्ण हक्क आंदोलन का प्रभाव बढ़ रहा है। अनेक शहरों के युवा कार्यकर्ता आंदोलन से जुड़ रहे हैं। एक दिन हमारा आंदोलन अवश्य सफल होगा और राज्य में रुग्ण हक्क कायदा (मरीजों के हक के लिए कानून) लागू होगा। दानदाता मदद करने के लिए कार्यालय के पते पर ‘रुग्ण हक्क आंदोलन, सर्वे नंबर 124/283 भीमनगर, मुंढवा, पुणे-411036’ संपर्क करें।



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