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स्वाभिमान मंदिर, राष्ट्र मंदिर, प्रभु श्रीराम मंदिर, भारत मंदिर !

अयोध्या के निधि संकलन अभियान ‘1 जनवरी से 31 जनवरी 2021’ से जुड़ें और अपना योगदान दें
अयोध्या का वो बड़ा ही पवित्र दिन था, बड़ी मनभावन शारदा ऋतु थी। चैत्र मास, महीना चल रहा था। शुक्ल पक्ष था। आकाश में सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में अपने सौंदर्य, हर्षोल्हास से धरती माँ को ऊर्जा से ओतप्रोत कर रहा था और वो पावनक्षण आया, जब रामलला की पहली आवाज से अयोध्या का आकाश गुंज उठा था। आज से करीब 12,240 वर्ष पहले का वो दिन, आज के कलेंडर से था 29 नवंबर 12,240। आज भी हम सनातनी इस दिन को रामनवमी के पावन उत्सव के रूप में मनाते हैं। श्रीराम के पदचिन्ह के हजारों साक्ष्य, चित्रकूट पर्वत, नाशिक, पंचवटी, श्रीरामेश्वर महादेव मंदिर, श्रीलंका आज भी उसी जगह पर अटल खड़े हैैं और मन में विचार आता है कि काश मैं चित्रकूट पर्वत होता तो प्रभु श्रीराम का दर्शन करता।
आज के बिजनेस एम्पायर जैसे टाटा ग्रुप, रिलायन्स ग्रुप, गुगल, मायक्रोसोफ्ट, ये सारे आज के युग के बड़े-बड़े राज्य हैं। ये इतने बड़े क्यों हुये? जब मैंने इनका अध्ययन किया, तो मैंने इनमें एक बड़ी समानता देखी। वो है इनके मानव संसाधन मंत्रालय के 11-12 सिद्धांत। इनमें सबसे अहम मानव संसाधन प्रिन्सिपल मुझे मिला। वो है रोल मोडेल बनो। बचपन में, मुझे जब मेरे पिता साइकिल पर घुमाने ले जाते थे और अलग अलग चीजें दिखाते थे, तो मैं उनमें अपने हीरो, मेरे रोल मोडेल देखता था। ये रोल मोडेल का कन्सेप्ट भी हमें वेद और उपनिषदों ने ही दिया है। रोल मोडेल बनो, ये एक आदर्शवाद का बेहेतरीन उदाहरण है, जिसके कारण आज ये बिजनेस एम्पायर पूरी दुनिया पर राज कर रहे हैं। प्रभु श्रीराम 12,200 सालों से हमारे रोल मोडेल बन कर हमें पग-पग पर मार्गदर्शन करते हैं जैसे-
1. एकपत्नी व्रती,
2. एक सच्चे बेटे, जो पिता के वचन के लिये प्राण देणे के लिये तैयार थे,
3. एक सच्चे भाई, जो अपने छोटे भाई के लिये राजपाल छोड़ने तैयार थे,
4. एक सच्चे मित्र, जिसके स्वाभिमान के लिये अपने कर्म का बलिदान दिया,
5. एक सच्चे शिष्य,
6. एक सच्चे भक्त,
7. एक सच्चे भगवान,
ऐसे कई आदर्श कार्मों से, प्रभु श्रीराम हमें 12,200, वर्षों से मार्गदर्शन कर रहे हैं, जिससे हजारों वर्ष भारतवर्ष एक सोने की चिड़िया के रूप में चहकता रहा। यहां हर राजा अपने आपको प्रभु श्रीराम का अंश देखकर, जीवन अपने प्रजाहित में व्यतीत करता था। आज भी थाईलैंड, इंडोनेशिया, एशिया के कई देश अपने राजा को  प्रभु श्रीराम का अंश देखकर पूजते हैं। मैं जब छत्रपति शिवाजी महाराज का चरित्र पढ़ रहा था, उसमें बहुत जगह पर उल्लेख आता है कि जिजाऊ बालशिवाजी को, श्रीराम, कृष्ण, भीम, अर्जुन, हनुमान ऐसे महान तेजपुंजों की कहानियां सुनाईं, बाल शिवाजी के मन में उनके जैसे राजा बनने के सपनों ने जन्म लिया और अगला इतिहास आपको पता है।
किसी समाज के वीर पुरुष, उस समाजसूर्य के भट्टी को प्रज्ज्वलित करने वाले न्यूक्लीयर अणुइंधन का काम करते हैं। आज के नेशन बहुत बड़े सैन्य मुहिम और नरसंहार की उपज हैं। इसके विपरीत भारतवर्ष जैसी महान और 17,000 वर्ष पुरानी सभ्यता बनती है रोल मोडेल के बलबूते पर। ऐसे हजारों रोल मोडेल भारतवर्ष के इतिहास में भरे पड़े हैं। जैसे पेट को भूख लागती है, वैसे ही रोल मोडेल हमारे अस्तित्व को पहचान देते हैं। ये रोल मोडेल एक तरीके से हमारे दिमाग का भोजन भी होते हैं। जहां-जहां बच्चों के ऐसे रोल मोडेल हीरोज की कहानियां सुनाई जाती हैं, वहां एक चमत्कार होता है और बच्चे अपने आप को उस रोल मोडेल की तरह देखने लगते हैं और एक दिन अलौकिक साहस का प्रदर्शन करते हैं। उसके विपरीत जिन बच्चों को ऐसे रोल मोडेल नहीं पता होते हैं, वे बच्चे बड़ेे ही डर के माहौल में, मानसिक रूप से अपंग पंगु विकसित होते हैं। यह षड्यंत्र हमारे बच्चों के साथ 70 साल खेला गया। मेरे बच्चों के पाठ्यक्रम से प्रभु श्रीराम, कृष्ण, अर्जुन, हनुमान की कथायें निकाल दी गईं और मुझे मानसिक रूप से अपंग पंगु किया गया, लेकिन आज में यह जान चुका हूं कि, सत्य क्या है, असत्य क्या है? जर्मनी के नेतावो ने सत्य इतिहास अपनी अगली पीढ़ी को सिखाने का कानून पारित किया है। वहां जो असत्य इतिहास बोलता है, भाषण देता है, उसे आजन्म कारावास का प्रावधान है।
इस्राइल को देखिये, 88 लाख लोगों का छोटा-सा देश, जब अपने वीरयोद्धा, अपनी भाषा, संस्कृति का पाठ अपने बच्चों को पढ़ाना चालू किया, उनके बच्चे सूर्य जैसे चमकने लगे। यह छोटा-सा देश साल में 5000 पेटंट अपने नाम पर लिखता है। इसी लिये मेरे भाइयो, मेरी बहनो, मेरे मित्रो, आइये हम लोग मिल कर, इस श्रीराम मंदिर, राष्ट्र मंदिर, स्वाभिमान मंदिर का निर्माण करें, धन रुपी सहयोग करें।
यह श्रीराम मंदिर, राष्ट्र मंदिर, स्वाभिमान मंदिर आपके बच्चों के भविष्य मंदिर का, भारतवर्ष का निर्माण करेगा। धरती माँ के दूध का कर्ज चुकाने यह एक स्वर्णिम अवसर है।
प्रभु श्रीराम तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के निधि संकलन अभियान ‘1 जनवरी से 31 जनवरी 2021’ से जुड़ें। अपना योगदान दें, जय श्रीराम! 
-लेखक श्री राहुल एकनाथ गोरवाडकर 
मोबा. 9890144570

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