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लोककल्याण प्रतिष्ठान द्वारा जारी सामाजिक कार्य काबिले तारीफ : संजय मोरे

अस्मिता पलशिकर, फातिमा खान, वैष्णवी पालीवाल और अथर्व सातव ‘लोककल्याण विद्यार्थी दत्तक योजना’ के लाभार्थी
लोककल्याण विद्यार्थी दत्तक योजना की लाभार्थी छात्रा को साइकिल प्रदान करते हुए शिवसेना पुणे शहर प्रमुख संजय मोरे, साथ में लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, जनवरी (ह.ए. प्रतिनिधि)

लोककल्याण प्रतिष्ठान जनता के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है। प्रतिष्ठान जरूरतमंदों के लिए एक नव संजीवनी के रूप में उभरा है। लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले एक उत्तम जनसेवक हैं। वे नयी-नयी योजनाओं के माध्यम से समाज की सेवा पूर्ण भाव से करनेवाले एक सच्चे जनता के सेवक हैं। प्रतिष्ठान द्वारा जारी विभिन्न सामाजिक कार्य सही मायने में काबिले तारीफ हैं। जो कार्य उनकी ओर से हो रहे हैं, उनका अनुकरण एवं आदर्श अन्य सामाजिक संघटनों को लेना चाहिए। यह विचार शिवसेना पुणे शहर प्रमुख संजय मोरे ने व्यक्त किये।
लोककल्याण प्रतिष्ठान की ओर से हर साल ‘लोककल्याण विद्यार्थी दत्तक योजना’ का आयोजन किया जाता है। इसके अंतर्गत वर्ष 2020-2021 शैक्षणिक वर्ष के लिए लाभार्थी छात्रों को साइकिल, शैक्षणिक फी, शैक्षणिक सामग्री, यूनिफॉर्म का वितरण शिवसेना पुणे शहर प्रमुख संजय मोरे के शुभ हाथों किया गया तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले, प्रतिष्ठान के कार्यकारिणी सदस्य इंद्रपाल हत्तरसंग, प्रभाकर शिंदे, राजाराम गायकवाड, राहुल भाडले, जनार्दन चव्हाण, अरुणा लडकत, सुषमा सावलगी, सुवर्णा इनामके, सुरेखा शेवाले, लोककल्याण पतसंस्था के संचालक सुभाष कदम, लक्ष्मण कोल्हे, संपत पोटे, दिपक भोसले, सागर पिलाणे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 
इस साल के लिए अस्मिता पलशिकर कक्षा 11 वीं साइन्स, फातिमा खान कक्षा 12 वीं साइन्स, वैष्णवी पालीवाल एफ.वाय. बी.काम., अथर्व सातव एस. वाय. बी. काम. को ‘लोककल्याण विद्यार्थी दत्तक योजना’ के तहत लाभ मिला है। 
उपस्थित प्रमुख अतिथिगणों का स्वागत लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने किया। प्रास्ताविक प्रतिष्ठान के उपाध्यक्ष दिलीप भामे ने किया। सूत्र-संचालन प्रदीप जगताप और आभार प्रदर्शन कार्याध्यक्ष हरिश्चंद्र कुलकर्णी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए योगिता   पालीवाल, अथर्व सातव, प्रवीण होले, प्रसाद होले, भरत चौहान, किरण जाधव व प्रतिष्ठान के सदस्यों ने अथक परिश्रम किया।

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