हड़पसर, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
मराठा समाज को आरक्षण देने की जरूरत नहीं है क्योंकि मराठा समुदाय पिछड़ा नहीं है गायकवाड़ आयोग की रिपोर्ट स्वीकार्य नहीं है। इस विचार को व्यक्त करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण रद्द कर दिया है। इसका युवा मराठा पीढ़ी पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। यह विचार मराठा क्रांति मोर्चा के समन्वयक महेश टेले पाटिल ने व्यक्त किये।
महेश टेले पाटिल ने बताया कि दूसरे राज्यों के लिए अलग न्याय और महाराष्ट्र के लिए अलग न्याय क्यों? सरकार में आरक्षण का कोई समर्थक नहीं है। राजनीतिक नेता अन्य समुदायों के साथ नाल को तोड़ना नहीं चाहते हैं। वे जानते हैं कि मराठा समुदाय कहीं नहीं जा रहा है। इस बेवजह से सभी राजनीतिक नेताओं ने मराठा समुदाय को बहुत नुकसान पहुंचाया है। अपनी जेब भरने के लिए मराठा समुदाय का उपयोग किया गया है। किसी भी नेता को मराठा समुदाय से कुछ भी लेना देना नहीं है। उन्हें बस अपना विधायक, सांसद और मंत्री पद महत्वपूर्ण है।
मराठा समाज को आरक्षण देने की जरूरत नहीं है क्योंकि मराठा समुदाय पिछड़ा नहीं है गायकवाड़ आयोग की रिपोर्ट स्वीकार्य नहीं है। इस विचार को व्यक्त करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण रद्द कर दिया है। इसका युवा मराठा पीढ़ी पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। यह विचार मराठा क्रांति मोर्चा के समन्वयक महेश टेले पाटिल ने व्यक्त किये।
महेश टेले पाटिल ने बताया कि दूसरे राज्यों के लिए अलग न्याय और महाराष्ट्र के लिए अलग न्याय क्यों? सरकार में आरक्षण का कोई समर्थक नहीं है। राजनीतिक नेता अन्य समुदायों के साथ नाल को तोड़ना नहीं चाहते हैं। वे जानते हैं कि मराठा समुदाय कहीं नहीं जा रहा है। इस बेवजह से सभी राजनीतिक नेताओं ने मराठा समुदाय को बहुत नुकसान पहुंचाया है। अपनी जेब भरने के लिए मराठा समुदाय का उपयोग किया गया है। किसी भी नेता को मराठा समुदाय से कुछ भी लेना देना नहीं है। उन्हें बस अपना विधायक, सांसद और मंत्री पद महत्वपूर्ण है।

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