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संपूर्ण समीक्षा करने के बाद आपदा से पीड़ितों को मिलेगी मदद, कोई भी नहीं रहेगा वंचित

रत्नागिरी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया आश्वासन
रत्नागिरी, मई (महासंवाद)

रत्नागिरी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि तौक्ते चक्रवात से कितना नुकसान हुआ है, इसका एक बार पंचनामा पूरा होने दीजिए, इसका संपूर्ण समीक्षा करने के बाद व्यवस्थित तरीके से मदद की जाएगी। सरकार की मदद से किसी भी पीड़ित को वंचित नहीं रखा जाएगा।
रत्नागिरी जिले में चक्रवात तूफान के कारण हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बैठक बुलाई, इस बैठक में उन्होंने नुकसान की समीक्षा की। इस बैठक में रत्नागिरी के पालकमंत्री अनिल परब, मदद व पुनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टीवार और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री व सिंधुदुर्ग जिला के पालक मंत्री उदय सामंत आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
तौक्ते चक्रवात से जिले के 5 तालुकाओं में भारी नुकसान हुआ है। इसमें सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र राजापुर और रत्नागिरी तालुका हैं। तूफान से प्रभावित हुए सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी दो जिलों के एक दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गए थे। इस दौरे की शुरुआत श्री ठाकरे ने रत्नागिरी जिले में बैठक आयोजित करके शुरु की। इस जिले में चक्रवात ने आम, काजू और नारियल के बागों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री श्री ठाकरे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस तबाही के मद्देनजर उचित तरीके से आकड़ों के साथ सरकार को प्रस्ताव पेश करें।
कोविड की समीक्षा : इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में कोविड के परिस्थितियों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि हम मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया करा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य रूप से मरीजों की संख्या को कम करने के साथ-साथ मृत्यु दर भी कम करने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कहा जा रहा है कि दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर आएगी, इसलिए हमने उचित सावधानियों और उपाय योजनाओं को आने वाले समय में करने का निर्देश दिया है ताकि तीसरी लहर आने ही न पाए। इस दौरान मुख्यमंत्री को जिले में चल रहे टीकाकरण व उससे संबंधित अन्य जानकारी भी दी गई।
बड़े पैमाने पर हुआ नुकसान : इस दौरान जिले में हुए नुकसान को लेकर जिला अधिकारी लक्ष्मीनारायण मिश्रा ने प्रेजेंटेशन दिया। इस चक्रवात तूफान के कारण जिले में दो लोगों की मृत्यु हो गई और आठ अन्य घायल हो गए हैं। चक्रवात तूफान के कारण मारे गए पशुओं की संख्या 11 है।
जिले में 17 घर पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं और आंशिक रूप से प्रभावित घरों की संख्या 6,766 है। इसमें से सबसे ज्यादा दापोली में 2235 है। रत्नागिरी तालुका में 1084 और राजपुर में 891 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिले में क्षतिग्रस्त गौशालाओं की संख्या 370 है।
चक्रवात तूफान के दौरान हवाओं के कारण 1042 पेड़ गिर गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 792 पेड़ राजापुर तालुका में गिरे हैं। जबकि रत्नागिरी में पेड़ गिरने की संख्या 250 है। चक्रवात ने 59 दुकानों और गोमती (टपरी) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों की संख्या 56 है। ये सभी स्कूल राजापुर तालुका में हैं। 
कृषि : चक्रवात तूफान ने बड़े पैमाने पर फल बागों का व्यापक नुकसान पहुंचाया है। लगभग 1100 किसानों को साधारण तरीके से 2500 हेक्टेयर का नुकसान हुआ। इसमें से अब तक 3430 किसानों के 810.30 हेक्टेयर खेतों का पंचनामे का काम पूरा हो चुका है। 
बिजली : चक्रवात तूफान से सबसे ज्यादा बिजली वितरण कंपनी प्रभावित हुई है। इसमें से 1239 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। अब तक 1179 गांवों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
प्रभावित उपकेन्द्रों की संख्या 55 तथा फीडर की संख्या 206 है। इसकी मरम्मत भी अब पूरी हो चुकी है। बिजली पोल भी बड़े पैमाने पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं। हाई प्रेशर लाइन के 485 पोल प्रभावित हुए और उनमें से 125 पूर्ववत कर दिए गए है। गांवों में गिरे हुए बिजली के खंभों की संख्या 1233 है। इनमें से अब तक 133 खंभों को खड़ा करने का पूरा हो चुका है।
मत्स्य व्यवसाय : जिले के समुद्री किनारों पर आश्रय लेने वाली नावों में से 3 नावें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं और 65 नावें अशंत: क्षतिग्रस्त हो गई हैं. 71 जाल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लगभग 90 लाख रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ है। इस चक्रवात तूफान में जिला परिषद की 301 संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। लगभग 1 करोड़ 98 लाख 84 हजार से अधिक के नुकसान का अनुमान है।
ई-उद्घाटन : जिला पुलिस द्वारा सुसज्जित कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे के करकमलों से इसका ई-उद्घाटन किया। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. मोहित कुमार गर्ग ने केंद्र के बारे में जानकारी दी और उस पर एक लघु फिल्म दिखाई गई।
सामान्य रूप से बुलाई बैठक : इस बैठक के लिए एक मंच तैयार किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री श्री ठाकरे ने मंच के सामने डी में कुर्सियाँ लगाने को कहा और साधारण तरीके से प्रेजेंटेशन देखा और अधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए गए थे कि स्वागत के लिए किसी फूल और गुलदस्ते की भी आवश्यकता नहीं है। पूरी बैठक साधारण तरीके से आयोजित की गई थी।
इस बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष विक्रांत जाधव, सांसद विनायक राउत, विधायक भास्कर जाधव, विधायक राजन साल्वी, पूर्व विधायक हुस्नबानू खलिफे, जिला पंचायत माजी अध्यक्ष रोहन बने, नगराध्यक्ष बंडया सालवी, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, विभागीय आयुक्त अण्णासाहेब मिसाल, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इन्दुराणी जाखड, अपर जिला अधिकारी संजय शिंदे, निवासी जिला अधिकारी (रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर) दत्ता भडकवाड, जिला सर्जन डॉ. संघमित्रा फुले, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबिता कमलापुरकर आदि गणमान्य इस अवसर पर मौजूद थे।

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