राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप द्वारा पुलिस से मांग
कोरोना टीकाकरण करनेवाले नागरिकों का अवैध रूप से डाटा प्राप्त करनेवाले भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आर्थिक व सायबर अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त भाग्यश्री नवटके को निवेदन देते हुए पुणे शहर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
कोरोना टीकाकरण के लिए विभिन्न केंद्रों पर जानेवाले नागरिकों का अवैध रूप से डाटा प्राप्त कर इसके माध्यम से संबंधित नागरिकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर नागरिक को केंद्र का प्रमाणपत्र और नगरसेवक का स्व-पदोन्नति प्रमाणपत्र भेजकर प्रचार किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा यह कृत्य किया जा रहा है। उन्हें यह डाटा किसने प्रदान किया है, उसकी पूछताछ करके उन भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों पर मामला दर्ज किया जाए। यह मांग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुणे शहर के शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप ने पुणे पुलिस से की है।
पुणे शहर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुणे शहर के शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप ने इस बारे में निवेदन आर्थिक व सायबर अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त भाग्यश्री नवटके को दिया है।
शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप ने निवेदन में बताया है कि पुणे समेत पूरे देश में कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार के कोविन एप में टीकाकरण केंद्र जानेवाले नागरिकों का ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण किया जाता है, इसलिए नागरिकों का गोपनीय डाटा केंद्र सरकार और महानगरपालिका प्रशासन द्वारा सुरक्षित तरीके से संरक्षित करने की आवश्यकता है। यह डाटा किसी भी राजनीतिक दल, व्यावसायिक या प्रतिष्ठानों को नहीं दिया जा सकता है। इसके बावजूद कुछ भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने शहर के विभिन्न केंद्रों पर अवैध रूप से टीकाकरण करानेवाले नागरिकों का डाटा हासिल किया है। प्राप्त किए डाटा से केंद्र सरकार के प्रमाणपत्र और स्व-पदोन्नति प्रमाणपत्र नागरिकों के मोबाइल नंबरों पर भेजकर खुद का प्रचार किया जा रहा है। इस डाटा में नागरिकों की व्यक्तिगत, व्यावसायिक (संपत्ति संबंधी) जानकारी होने की संभावना है। इनके कारण नागरिकों के व्यक्तित्व और स्वतंत्रता को खतरा निर्माण हुआ है।
अंत में अपने निवेदन में उन्होंने कहा कि यह कृत्य गोपनीयता कानून का उल्लंघन है। भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी इस तरह से नागरिकों का डाटा प्राप्त कर रहे हैं और उन्हें व्हाट्सएप और अन्य संदेशों के माध्यम से प्रमाणपत्र भेज रहे हैं। उन्हें यह डाटा किसने दिया, इसकी गहन जांच होनी चाहिए। साथ ही इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। यह मांग निवेदन द्वारा की गई है।
हड़पसर, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
कोरोना टीकाकरण के लिए विभिन्न केंद्रों पर जानेवाले नागरिकों का अवैध रूप से डाटा प्राप्त कर इसके माध्यम से संबंधित नागरिकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर नागरिक को केंद्र का प्रमाणपत्र और नगरसेवक का स्व-पदोन्नति प्रमाणपत्र भेजकर प्रचार किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा यह कृत्य किया जा रहा है। उन्हें यह डाटा किसने प्रदान किया है, उसकी पूछताछ करके उन भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों पर मामला दर्ज किया जाए। यह मांग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुणे शहर के शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप ने पुणे पुलिस से की है।
पुणे शहर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुणे शहर के शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप ने इस बारे में निवेदन आर्थिक व सायबर अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त भाग्यश्री नवटके को दिया है।
शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप ने निवेदन में बताया है कि पुणे समेत पूरे देश में कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार के कोविन एप में टीकाकरण केंद्र जानेवाले नागरिकों का ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण किया जाता है, इसलिए नागरिकों का गोपनीय डाटा केंद्र सरकार और महानगरपालिका प्रशासन द्वारा सुरक्षित तरीके से संरक्षित करने की आवश्यकता है। यह डाटा किसी भी राजनीतिक दल, व्यावसायिक या प्रतिष्ठानों को नहीं दिया जा सकता है। इसके बावजूद कुछ भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने शहर के विभिन्न केंद्रों पर अवैध रूप से टीकाकरण करानेवाले नागरिकों का डाटा हासिल किया है। प्राप्त किए डाटा से केंद्र सरकार के प्रमाणपत्र और स्व-पदोन्नति प्रमाणपत्र नागरिकों के मोबाइल नंबरों पर भेजकर खुद का प्रचार किया जा रहा है। इस डाटा में नागरिकों की व्यक्तिगत, व्यावसायिक (संपत्ति संबंधी) जानकारी होने की संभावना है। इनके कारण नागरिकों के व्यक्तित्व और स्वतंत्रता को खतरा निर्माण हुआ है।
अंत में अपने निवेदन में उन्होंने कहा कि यह कृत्य गोपनीयता कानून का उल्लंघन है। भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी इस तरह से नागरिकों का डाटा प्राप्त कर रहे हैं और उन्हें व्हाट्सएप और अन्य संदेशों के माध्यम से प्रमाणपत्र भेज रहे हैं। उन्हें यह डाटा किसने दिया, इसकी गहन जांच होनी चाहिए। साथ ही इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। यह मांग निवेदन द्वारा की गई है।

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