लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले द्वारा मांग
हड़पसर, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)
ग्लायडिंग सेंटर हड़पसर को प्राप्त हुआ प्राकृतिक वरदान है। इस कोरोना महामारी में ग्लायडिंग सेंटर को कचरा डिपो बना दिया गया है। साथ ही यहां के कूड़ा-कचरा जलाने के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे पैदा हो गया है। ग्लायडिंग सेंटर में कूड़ा-कचरा फेंकनेवाले व जलानेवाले दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही प्रशासन द्वारा कदम उठाकर ग्लायडिंग सेंटर की सीमा दीवार पर जाली लगानी चाहिए, जिसके कारण कूड़ा-कचरा फेंकनेवाले व जलानेवालों पर अंकुश लगाया जा सके। यह मांग समाजसेवक व लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने की है।
समाजसेवक व लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने आगे बताया कि ग्लायडिंग सेंटर मुफ्त में मिलनेवाला प्राणवायु खजाना है, जिसका नागरिक सुबह-शाम आनंद लेते हैं। तुकाईदर्शन-कालेबोराटेनगर रास्ते के किनारे स्थित ग्लायडिंग सेंटर की 8 फुट सीमा दीवार पर तुकाईदर्शन, कालेबोराटेनगर, ढमालवाडी, पापडेवस्ती आदि परिसर के नागरिक रात, देर रात और सुबह आकर कूड़ा-कचरा ग्लायडिंग सेंटर के अंदर ़फेंकते हैं। मेरे अकेले से कूड़ा कचरा डालने से क्या होगा ? इस विचार से हररोज हजारों नागरिक सीमा दीवार के ऊपर से कूड़ा कचरा डालने के चलते ग्लायडिंग सेंटर के अंदर दीवार के पास इतना कूड़ा कचरा इकट्ठा हो गया है कि उसने कचरे डिपो का रूप धारण कर लिया हो? रास्ते के किनारे से ही नागरिक गाड़ी से या पैदल आकर कूड़े-कचरे की थैली घुमाकर अंदर फेंककर निकल जाते हैं। अगर इसी तरह से यह परिस्थिति रही तो सीमा दीवार के ऊपर से कूड़ा कचरा रास्ते पर फैल जाएगा, जिसका गहरा प्रभाव स्थानीय नागरिकों पर होगा और उनका स्वास्थ्य खतरे में आ सकता है। जल्द ही ग्लायडिंग सेंटर एक कचरा डिपो और रोग स्थल बन सकता है।
अंत में उन्होंने प्रशासन से अनुरोध करते हुए कहा कि इस पर तात्कालिक अस्थायी समाधान के रूप में हड़पसर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत स्थानीय म.न.पा. प्रशासन को सीमा के आसपास कर्मचारियों को तैनात कर सड़क पर कचरा डंप करने वाले नागरिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही भविष्य में दीर्घकालिक समाधान के रूप में इस सीमा दीवार पर चारों तरफ 7/8 फीट की ऊँचाई की लोहे की पट्टियाँ लगाई जानी चाहिए।
ग्लायडिंग सेंटर हड़पसर को प्राप्त हुआ प्राकृतिक वरदान है। इस कोरोना महामारी में ग्लायडिंग सेंटर को कचरा डिपो बना दिया गया है। साथ ही यहां के कूड़ा-कचरा जलाने के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे पैदा हो गया है। ग्लायडिंग सेंटर में कूड़ा-कचरा फेंकनेवाले व जलानेवाले दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही प्रशासन द्वारा कदम उठाकर ग्लायडिंग सेंटर की सीमा दीवार पर जाली लगानी चाहिए, जिसके कारण कूड़ा-कचरा फेंकनेवाले व जलानेवालों पर अंकुश लगाया जा सके। यह मांग समाजसेवक व लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने की है।
समाजसेवक व लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने आगे बताया कि ग्लायडिंग सेंटर मुफ्त में मिलनेवाला प्राणवायु खजाना है, जिसका नागरिक सुबह-शाम आनंद लेते हैं। तुकाईदर्शन-कालेबोराटेनगर रास्ते के किनारे स्थित ग्लायडिंग सेंटर की 8 फुट सीमा दीवार पर तुकाईदर्शन, कालेबोराटेनगर, ढमालवाडी, पापडेवस्ती आदि परिसर के नागरिक रात, देर रात और सुबह आकर कूड़ा-कचरा ग्लायडिंग सेंटर के अंदर ़फेंकते हैं। मेरे अकेले से कूड़ा कचरा डालने से क्या होगा ? इस विचार से हररोज हजारों नागरिक सीमा दीवार के ऊपर से कूड़ा कचरा डालने के चलते ग्लायडिंग सेंटर के अंदर दीवार के पास इतना कूड़ा कचरा इकट्ठा हो गया है कि उसने कचरे डिपो का रूप धारण कर लिया हो? रास्ते के किनारे से ही नागरिक गाड़ी से या पैदल आकर कूड़े-कचरे की थैली घुमाकर अंदर फेंककर निकल जाते हैं। अगर इसी तरह से यह परिस्थिति रही तो सीमा दीवार के ऊपर से कूड़ा कचरा रास्ते पर फैल जाएगा, जिसका गहरा प्रभाव स्थानीय नागरिकों पर होगा और उनका स्वास्थ्य खतरे में आ सकता है। जल्द ही ग्लायडिंग सेंटर एक कचरा डिपो और रोग स्थल बन सकता है।
अंत में उन्होंने प्रशासन से अनुरोध करते हुए कहा कि इस पर तात्कालिक अस्थायी समाधान के रूप में हड़पसर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत स्थानीय म.न.पा. प्रशासन को सीमा के आसपास कर्मचारियों को तैनात कर सड़क पर कचरा डंप करने वाले नागरिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही भविष्य में दीर्घकालिक समाधान के रूप में इस सीमा दीवार पर चारों तरफ 7/8 फीट की ऊँचाई की लोहे की पट्टियाँ लगाई जानी चाहिए।

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