मुंबई, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
महावितरण ने उपभोक्ताओं से सटीक मीटर रीडिंग सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसमें महावितरण ने राज्य में छह मीटर रीडिंग एजेंसियों को बर्खास्त कर दिया है जो महावितरण को गलत मीटर रीडिंग लेने से राजस्व का नुकसान कर रही हैं और बिजली बिलों की मरम्मत के लिए ग्राहकों को अनुचित असुविधा भी हो रही है। पुणे जिले से दो और औरंगाबाद, वसई, नांदेड़ और अकोला से एक-एक पिछले चार दिनों में मीटर रीडिंग एजेंसियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की गई है और ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।ऊर्जा मंत्री श्री नितिन राउत ने निर्देश दिया था कि किसी भी हाल में हर बिजली मीटर की रीडिंग शत-प्रतिशत सटीक होनी चाहिए। तदनुसार, महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री विजय सिंघली द्वारा 1 फरवरी को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य भर की मीटर रीडिंग एजेंसियों से सीधी बातचीत की थी। गलत बिजली बिलों और महावितरण के राजस्व की हानि के कारण ग्राहकों को हुई असुविधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीटर रीडिंग सही नहीं होने पर मीटर रीडिंग एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि एजेंसी व उसके कर्मचारियों को काली सूची में डालने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी द्वारा किए गए मीटर रीडिंग का सत्यापन महावितरण के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा शुरू कर दिया गया है। तदनुसार, अब तक किए गए सत्यापन में बारामती परिमंडल में परिमल एंटरप्राइजेज, पंडारे ता. बारामती (सासवड डिवीजन) व गणेश एंटरप्रायजेस, सादलगाव ता. शिरूर (केडगांव विभाग), कल्याण परिमंडल में सुप्रीम पॉवर सर्विसेस, अंधेरी (वसई विभाग), नांदेड परिमंडल में महाराष्ट्र इलेक्ट्रिकल, दहेली ता. किनवट (भोकर विभाग), औरंगाबाद परिमंडल में नंदिनी एंटरप्रायजेस (औरंगाबाद शहर विभाग 2) और अकोला परिमंडल में अजिंक्य महिला बहुउद्देशीय सुशिक्षित बेरोजगार सेवा सहकारी संस्था (अकोला शहर विभाग) नामक छह एजेंसियों द्वारा शुरू किया गया मीटर रीडिंग कार्य व्यर्थ पाया गया था। परिणामस्वरूप इन एजेंसियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की गई है और काली सूची में डालने की प्रक्रिया जारी है।
यह पाया गया कि एजेंसियां बिजली मीटर की गलत रीडिंग और धुंधली तस्वीरें ले रही थीं, जानबूझकर टिप्पणी कर रही थीं कि रीडिंग नहीं ली जा सकती है, महावितरण को गलत जानकारी दे रही हैं कि वे सटीक रीडिंग ले रहे हैं आदि। नतीजतन, महावितरण के राजस्व नुकसान के अलावा, उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिलों की असुविधा भी महसूस हुई। महावितरण ने पूर्व में दी गई चेतावनी के अनुसार मीटर रीडिंग एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अन्य ठेकेदारों को भी ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशी राऊत द्वारा दी गई है।
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