बच्चों के लिए वन स्टेप जस्टिस का शुभारंभ
पुणे, फरवरी (जिमाका)
पुलिस उपायुक्त सागर पाटिल ने पुणे शहर और जिले में बच्चों और महिलाओं के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों से बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने की अपील की।
श्री पाटिल अल्पबचत भवन में ज्ञानशक्ति विकास वाहिनी और सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘वन स्टेप फॉर जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कदम, बाल कल्याण संरक्षण समिति के सदस्य अर्जुन दांगट, बाल संरक्षण अधिकारी परमानंद, बाल कल्याण समिति की बीना हिरेकर, कैलास सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के प्रबंधक हेमंती पवार और प्रसाद ताटे उपस्थित थे।
श्री पाटिल ने कहा कि वर्तमान में बच्चों की समस्याओं में भारी वृद्धि हुई है। उन्हें हल करने के लिए परिवार में सभी की मानसिकता बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति का सर्वाधिक महत्व है क्योंकि इसे संयुक्त परिवार प्रणाली में संरक्षित किया जाता है।
पुलिस उपायुक्त सागर पाटिल ने पुणे शहर और जिले में बच्चों और महिलाओं के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों से बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने की अपील की।
श्री पाटिल अल्पबचत भवन में ज्ञानशक्ति विकास वाहिनी और सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘वन स्टेप फॉर जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कदम, बाल कल्याण संरक्षण समिति के सदस्य अर्जुन दांगट, बाल संरक्षण अधिकारी परमानंद, बाल कल्याण समिति की बीना हिरेकर, कैलास सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के प्रबंधक हेमंती पवार और प्रसाद ताटे उपस्थित थे।
श्री पाटिल ने कहा कि वर्तमान में बच्चों की समस्याओं में भारी वृद्धि हुई है। उन्हें हल करने के लिए परिवार में सभी की मानसिकता बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति का सर्वाधिक महत्व है क्योंकि इसे संयुक्त परिवार प्रणाली में संरक्षित किया जाता है।
लश्कर पुलिस स्टेशन ने पहला ‘चाइल्ड फ्रेंडली पुलिस स्टेशन का सम्मान अर्जित किया है, का उल्लेख करते हुए श्री पाटिल ने कहा कि ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ थाना नशे के आदी बच्चों को मौका देने के साथ-साथ अनजाने में होने वाली गलतियों को सुधारने का काम करता है। इन सभी गतिविधियों में गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने संगठनों से एक साथ आने और पहल करने की भी अपील की।
श्री दांगट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी तंत्र काम कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून से निर्माण नहीं होगी बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी की आवश्यकता है।
श्री परमानंद ने कहा कि बच्चों को देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है। हम सभी की यह सामाजिक जिम्मेदारी है। बच्चों से संवाद करने की जरूरत है, उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुणे जिले में ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ थानों की संख्या बढ़ रही है और यह एक अच्छी पहल है।
श्री कदम ने कहा कि पारिवारिक सुख जरूरी है। माता-पिता और बच्चों के बीच संचार महत्वपूर्ण है। बच्चों के साथ संवाद करने से माता-पिता के लिए यह समझना आसान हो जाता है कि बच्चे क्या चाहते हैं।
ज्ञानशक्ति संस्था की कार्यकारी संचालिका गार्गी काले पाटिल ने संस्था द्वारा शुरू की गई ‘वन स्टेप फॉर जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह जन जागरूकता कार्यक्रम 15 फरवरी से 8 मार्च 2022 तक लागू किया जाएगा।
श्री दांगट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी तंत्र काम कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून से निर्माण नहीं होगी बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी की आवश्यकता है।
श्री परमानंद ने कहा कि बच्चों को देखभाल और सुरक्षा की जरूरत है। हम सभी की यह सामाजिक जिम्मेदारी है। बच्चों से संवाद करने की जरूरत है, उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुणे जिले में ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ थानों की संख्या बढ़ रही है और यह एक अच्छी पहल है।
श्री कदम ने कहा कि पारिवारिक सुख जरूरी है। माता-पिता और बच्चों के बीच संचार महत्वपूर्ण है। बच्चों के साथ संवाद करने से माता-पिता के लिए यह समझना आसान हो जाता है कि बच्चे क्या चाहते हैं।
ज्ञानशक्ति संस्था की कार्यकारी संचालिका गार्गी काले पाटिल ने संस्था द्वारा शुरू की गई ‘वन स्टेप फॉर जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह जन जागरूकता कार्यक्रम 15 फरवरी से 8 मार्च 2022 तक लागू किया जाएगा।
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