मुंबई, जुलाई (महासंवाद)
पर्यावरण अनुकूल और पर्यावरण संवर्धक ऊर्जा आज समय की मांग बन गई है। इस पृष्ठभूमि में जर्मनी के साथ ऊर्जा और गैर-पारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी है।
जर्मनी के वाइस चान्सलर डॉ. रॉबर्ट हेबेक ने उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस से सदिच्छा मुलाकात की। इस अवसर पर उद्योग, व्यापार, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई। इस अवसर पर यहां जर्मनी के राजदूत डॉ.फिलिप एकरमैन, कौन्सुल जनरल अकिम फॅबिग, राजशिष्टाचार विभाग की अप्पर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर, महावितरण के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक लोकेश चंद्रा, ऊर्जा विभाग की प्रधान सचिव आभा शुक्ला, संचालक पी. अन्बलगन, उद्योग विभाग के विकास आयुक्त डॉ. हर्षदीप कांबले, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी साथ ही 20 जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जर्मनी के मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने आगे बोलते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में महाराष्ट्र और जर्मनी के बीच सहयोग एक स्थिर कारक साबित हुआ है। पुणे में बड़ी संख्या में जर्मन कंपनियां हैं। अर्थव्यवस्था को अधिक गति देने के लिए इस सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। महाराष्ट्र देश का ग्रोथ इंजन है। उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में भी राज्य अग्रणी है। देश व राज्य तेजी से विकास कर रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत करने के लिए रोड मैप तैयार किया गया है। स्पीड ऑफ डेटा और स्पीड ऑफ ट्रैवल आनेवाले समय में महत्वपूर्ण साबित होगा, इन दोनों क्षेत्रों में महाराष्ट्र अग्रणी है। साथ ही स्टार्ट अप और यूनिकॉर्न में भी महाराष्ट्र अग्रणी है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन नीति, सौर कृषि वाहिनी जैसी नवीन परियोजनाएं और नीतियां लागू की जा रही हैं। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक मोड पर चल रही है और चार्जिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
जर्मन वाइस चान्सलर डॉ. रॉबर्ट हेबेक ने कहा कि उद्योग और वित्त सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के बेहतरीन अवसर हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर आदान-प्रदान होता है।
पर्यावरण अनुकूल और पर्यावरण संवर्धक ऊर्जा आज समय की मांग बन गई है। इस पृष्ठभूमि में जर्मनी के साथ ऊर्जा और गैर-पारंपरिक ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी है।
जर्मनी के वाइस चान्सलर डॉ. रॉबर्ट हेबेक ने उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस से सदिच्छा मुलाकात की। इस अवसर पर उद्योग, व्यापार, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई। इस अवसर पर यहां जर्मनी के राजदूत डॉ.फिलिप एकरमैन, कौन्सुल जनरल अकिम फॅबिग, राजशिष्टाचार विभाग की अप्पर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर, महावितरण के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक लोकेश चंद्रा, ऊर्जा विभाग की प्रधान सचिव आभा शुक्ला, संचालक पी. अन्बलगन, उद्योग विभाग के विकास आयुक्त डॉ. हर्षदीप कांबले, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी साथ ही 20 जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जर्मनी के मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने आगे बोलते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में महाराष्ट्र और जर्मनी के बीच सहयोग एक स्थिर कारक साबित हुआ है। पुणे में बड़ी संख्या में जर्मन कंपनियां हैं। अर्थव्यवस्था को अधिक गति देने के लिए इस सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। महाराष्ट्र देश का ग्रोथ इंजन है। उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में भी राज्य अग्रणी है। देश व राज्य तेजी से विकास कर रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत करने के लिए रोड मैप तैयार किया गया है। स्पीड ऑफ डेटा और स्पीड ऑफ ट्रैवल आनेवाले समय में महत्वपूर्ण साबित होगा, इन दोनों क्षेत्रों में महाराष्ट्र अग्रणी है। साथ ही स्टार्ट अप और यूनिकॉर्न में भी महाराष्ट्र अग्रणी है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन नीति, सौर कृषि वाहिनी जैसी नवीन परियोजनाएं और नीतियां लागू की जा रही हैं। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक मोड पर चल रही है और चार्जिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
जर्मन वाइस चान्सलर डॉ. रॉबर्ट हेबेक ने कहा कि उद्योग और वित्त सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के बेहतरीन अवसर हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर आदान-प्रदान होता है।

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