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3 अक्टूबर को महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में लिए गए कुल 6 फैसले

मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
दिवाली के अवसर पर सौ रुपये में ‘आनंदाचा शिधा’ में मैदा, पोहा’ भी शामिल 
दिवाली के अवसर पर राशनकार्ड धारकों को 100 रुपये में ‘आनंदाचा शिधा’ देने का कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। इस आनंदाचा शिधा में अब मैदा और पोहा का भी समावेश किया गया है। पहले आनंदाचा शिधा में सूजी, चना दाल, चीनी और खाद्य तेल नामक 4 सामग्रियां शामिल थीं। अब इसमें दो सामग्रियां और जोड़ दी गई हैं। 
राज्य में अंत्योदय अन्न योजना एवं प्राथमिकता परिवार राशन कार्ड धारक, साथ ही छत्रपति संभाजीनगर व अमरावती विभाग के सभी जिले और नागपुर विभाग के वर्धा में 14 किसानों ने आत्महत्या पीड़ित जिले के गरीबी रेखा से ऊपर के नारंगी किसान ऐसे 1 करोड़ 66 लाख 71 हजार 480 राशन कार्डधारकों को ‘आनंदाचा शिधा’ मिलेगा। इसमें 1 किलो चीनी, 1 लीटर खाद्य तेल और आधा किलो सूजी, चना दाल, मैदा और पोहा शामिल होगा। यह आनंदाचा शिधा 25 अक्टूबर से 30 नवंबर तक बांटा जाएगा। इस हेतु कुल 530 करोड़ 19 लाख रूपये के व्यय को भी मंजूरी दी गयी है।
ऊर्जा
कृषि पंपों पर बिजली कनेक्शन तेजी से होगा पूरा : उच्च दाब वितरण प्रणाली योजना का विस्तार

कृषि पंप विद्युत कनेक्शन में तेजी लाने के लिए उच्चदाब वितरण प्रणाली योजना को 31 मार्च 2024 तक बढ़ाने का निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। विदर्भ, मराठवाड़ा में लंबित कृषि पंप बिजली कनेक्शन को इसके माध्यम से पूरा किया जाएगा। इस योजना को वर्ष 2018 से 2020 में पूरा किया जाना था, परंतु भारी बारिश और खेतों में खड़ी फसल के कारण ट्रांसफार्मर (रोहित्र) के निर्माण में बाधा उत्पन्न हुई। कोविड के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। 
उपकेन्द्र के कार्यों के लिए लगनेवाला समय 15 से 18 माह का था। अतः इस योजना की मूल लागत 5 हजार 48 करोड़ 13 लाख से संशोधित कर 4 हजार 734 करोड़ 61 लाख कर दी गयी और योजना की अवधि मार्च 2024 तक बढ़ा दी गई। वर्तमान में 1 लाख 38 हजार 787 विद्युत कनेक्शनों में से 23 कृषि पंप विद्युत कनेक्शन तथा 93 उपकेंद्रों में से 4 उपकेंद्रों के विद्युत कनेक्शन लंबित हैं। फिलहाल मानसून के कारण इन उपकेंद्रों का काम पूरा करने के लिए योजना की अवधि मार्च 2024 तक बढ़ा दी गई है। 
अल्पसंख्यक विकास
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए विदेशी शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना : प्रति वर्ष 27 छात्रों को लाभ प्राप्त होगा

अल्पसंख्यक छात्रों के लिए विदेशी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी देने का फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। हर साल 27 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। क्यूएस वर्ल्ड रैन्किंग में 200 से अंदर रहनेवाले विदेशी शिक्षण संस्थानों में स्नातकोत्तर उपाधि पीएच.डी. पाठ्यक्रम के लिए बिना शर्त प्रवेश को पात्र छात्रों को यह छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके लिए 10 करोड़ 80 लाख का खर्च भी मंजूर किया गया। विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी इसके लिए कुल 10 छात्रवृत्ति, तो औषधीय व जीवविज्ञान, लिबरल आर्ट व ह्युमॅनिटीज के लिए प्रत्येकी 6, कृषि के लिए 3 और कानून और वाणिज्य के लिए 2 कुल 27 छात्रवृत्तियां रहेंगी।
कानून और न्याय
नागपुर में पाँच अतिरिक्त पारिवारिक न्यायालय : 45 पद भी स्वीकृत

नागपुर में 5 अतिरिक्त पारिवारिक न्यायालय स्थापित करने और 45 पदों को मंजूरी देने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। नागपुर में 4 पारिवारिक अदालतें हैं और पारिवारिक विवाद के मामलों की बढ़ती संख्या के कारण इन 5 अतिरिक्त पारिवारिक अदालतों की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में नागापुर की पारिवारिक अदालतों में 8 हजार 418 अदालती मामले लंबित हैं। इन न्यायालयों के निर्माण के लिए 5 करोड़ 66 लाख 54 हजार रुपये भी स्वीकृत किये गये। 
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा
श्री मौनी विद्यापीठ तंत्रनिकेतन की बिनाअनुदानित शाखाओं के लिए 90 प्रतिशत सरकारी अनुदान

कोल्हापुर जिले के गारगोटी में श्री मौनी विद्यापीठ संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एंड रुरल इंजीनियरिंग इस अनुदानित संस्था में 3 बिना अनुदानित डिग्री पाठ्यक्रमों को 2023-24 तक 90 प्रतिशत सरकारी अनुदान देने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। इसके अलावा इस संस्था में शिक्षकों के 16 पद भी सृजित किये जायेंगे। संस्था में वर्तमान में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 60, मैकेनिकल इंजीनियरिंग 120, कंप्यूटर इंजीनियरिंग 40 ऐसे 220 की प्रवेश क्षमता है। वर्तमान अनुदानित संस्थान में व्याख्याता (उपयोजित यंत्रशास्त्र) का पद भी कार्यशाला अधीक्षक के पद में परिवर्तित किया जाएगा। इस अनुदान और पदों के सृजन के लिए 1 करोड़ 77 लाख 7 हजार 992 रुपये की वार्षिक निधि भी स्वीकृत की गई है। 
केंद्र सरकार ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत पर शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्थापित किए एस. राधाकृष्णन की समिति द्वारा देश के 10 विश्वविद्यालयों में तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुशंसा की गयी थी, जिसमें गारगोटी के श्री मौनी विद्यापीठ का समावेश है। 
गृहनिर्माण
स्वामित्व वाली इमारतों के पुनर्विकास में तेजी आएगी विरोध करने वाले मकान मालिकों को बेदखल करने का प्रावधान

महाराष्ट्र अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम (महाराष्ट्र संपत्ति स्वामित्व अधिनियम) 1970 में पंजीकृत भवनों के पुनर्विकास में तेजी लाने का निर्णय लिया गया। इसके मुताबिक पुनर्विकास का विरोध करनेवाले मकान मालिकों को बेदखल करने संबंधी एक्ट में संशोधन का फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। इस संबंध में अध्यादेश के रूप में एक विधेयक लाया जाएगा। इससे अब विरोध करनेवाले निवासियों या सदस्यों के खिलाफ बेदखली की कार्यवाही का स्पष्ट प्रावधान हो जाएगा। अधिनियम में, धारा 6 (ए) के बाद धारा 6 (बी) डाली जाएगी। इस अधिनियम में 7 जुलाई 2018 को किए गए संशोधन में बहुसंख्यक वेशम मालिकों (घर मालिकों) की सहमति आवश्यक है, इसका उल्लेख किया गया है। 
बहुमत शब्द को 51 प्रतिशत स्वामित्व के रूप में परिभाषित किया गया है। अनुच्छेद 6 के तहत बहुमत से पारित प्रस्ताव का कुछ सदस्यों द्वारा विरोध किया जाता है और इसलिए असहयोग करने वाले सदस्यों पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए इसके लिए स्पष्ट प्रावधान न होने से पुनर्विकास में बाधा आती है और इमारतें खतरनाक हो जाती हैं। यह प्रावधान इसलिए किया गया क्योंकि यह विभाग के महाराष्ट्र अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम में नहीं है।
सोयाबीन पर रोग फैलने का पंचनामा तत्काल किया जाये
किसानों को बीमा कराने में राहत राज्य कैबिनेट की बैठक में कृषि, राहत और पुनर्वास का निर्देश दिया गया। राज्य के नौ जिलों में सोयाबीन की फसल पर पीला मोज़ेक (यलो मोज़ेक) विषाणु रोग और खोडकुज़ और जड़ सड़न जैसे कवक रोगों का प्रकोप हुआ है। कृषि विभाग एवं राहत एवं पुनर्वास विभाग को संयुक्त रूप से तत्काल सोयाबीन फसल का पंचनामा करना चाहिए। यह निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कैबिनेट बैठक में दिये। 
भारी वर्षा और सितंबर की बारिश, तापमान में बदलाव और अन्य कारकों ने सोयाबीन इस रोग से प्रभावित किया है। विशेषकर चंद्रपुर, नागपुर, गढ़चिरौली, यवतमाल, सोलापुर, लातूर, वाशिम, नांदेड़ जिलों में सोयाबीन की फसल पीली पड़ रही है।
चूंकि क्षतिग्रस्त क्षेत्र बीमाकृत क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिए समय पर बीमा सहायता प्राप्त करना संभव हो और ये पंचनामा अधिमानतः किया जाना चाहिए ताकि उन्हें बहुत राहत मिल सके।

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