‘एमआईटी एडीटी’ विश्वविद्यालय में ‘विश्वनाथ स्पोर्ट्स मीट’ का शुभारंभ
लोनी कालभोर, जनवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)ज़िंदगी में कई बार हालात हमारे हिसाब से नहीं होते। किसी भी खिलाड़ी की ज़िंदगी में सफलता और असफलता तो आती ही रहती है। सफल होने से खुद में अहंकार को स्थान कदापि नहीं देना चाहिए और असफलता से निराशा नहीं होना यह ज़िंदगी का सबसे ज़रूरी सबक है, इसलिए कोई भी खेल चुनें, उसे लगातार, हिम्मत और अपनी पूरी कोशिश के साथ खेलें। असफलता के लिए दूसरों को दोष न देते हुए अगर आप अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हैं और अपनी गलतियों पर काम करते हैं, तो खेल कोई भी हो, सफलता अवश्य मिलती है। यह विचार ओलंपियन मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह ने व्यक्त किए।
एमआईटी आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय, विश्वराजबाग, पुणे द्वारा आयोजित आठवें विश्वनाथ स्पोर्ट्स मीट (वीएसएम-2026) इस साल के सबसे बड़े अंतर-महाविद्यालयीन/ अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) के उपमहानिदेशक एवं वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक विनीत कुमार, मेजर ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे, विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. डॉ. मंगेश कराड, कार्यकारी निदेशक डॉ. सुनीता कराड, कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेश एस., एवरेस्ट विजेता डॉ. सारा सफारी, अर्जुन पुरस्कार प्राप्त मुक्केबाज़ मनोज पिंगले, प्रति-कुलपति डॉ. रामचंद्र पुजारी, कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े, छात्र कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सूरज भोयार, खेल निदेशक प्रो. पद्माकर फड, प्रतियोगिता की सह-समन्वयक डॉ. प्रतिभा जगताप के साथ अन्य गणमान्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
विजेंदर सिंह ने आगे कहा कि वर्तमान में भारत में खेल क्षेत्र का स्वर्णिम दौर चल रहा है। पहले माता-पिता बच्चों पर केवल पढ़ाई का दबाव डालते थे, लेकिन अब उन्हें खेलों की ओर बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय द्वारा इतने बड़े स्तर पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन निश्चित ही प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की भी सराहना की।
प्रो. डॉ. सुनीता कराड ने कहा कि भारत में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। भारत तथा विशेष रूप से महाराष्ट्र में खेल संस्कृति को सुदृढ़ करते हुए ओलंपिक, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में महाराष्ट्र के खिलाड़ियों की भागीदारी और सफलता बढ़नी चाहिए। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने हेतु विश्वविद्यालय स्तर पर सशक्त मंच उपलब्ध कराने का प्रयास विश्वनाथ स्पोर्ट्स मीट के माध्यम से किया जा रहा है।
प्रतियोगिता आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेश एस. ने प्रास्ताविक किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक घुगे, डॉ. स्वप्निल शिरसाट एवं प्रो. स्नेहा वाघटकर ने और आभार प्रदर्शन प्रो. पद्माकर फड ने किया।

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