छब्बीस जनवरी देश का अभिमान दिन।
संविधान ने दिया था प्रजातंत्र का शासन।
अधिकार और कर्तव्यों की याद दिलाता है।
सभी के प्रति समान व्यवहार करना है।
कर्तव्य पथ पर सेना का होता संचलन।
फहराया जाता है तिरंगा उत्साह नमन।
देश के राष्ट्रपति करते हैं अभिभाषण।
शौर्य पुरस्कार घोषित होते हैं अमूमन।
भारतीयों के दिल में उठी उमंग लहर।
भारत का नाम चमके विश्व पटल पर।
विभिन्न राज्यों की लुभावनी झाँकियां प्रस्तुति।
राष्ट्रीय पर्व अवसर पर छबी अनूठी।
हर्षोल्हास से गूँजता है जय हिंद का नारा।
प्राण से प्यारा है हमें भारत देश हमारा।
-बाबू फिलीप डिसोजा कुमठेकर
पुनावले, पुणे-33

0 टिप्पणियाँ