एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय का
‘पर्सोना महोत्सव’ संपन्न
लोनी-कालभोर, फरवरी
(हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज
नेटवर्क)
मैंने अपने जीवन
में हजारों रोमांटिक गीत
लिखे। आशिकी, राजा
हिंदुस्तानी, साजन, दीवाना, कुछ
कुछ होता है
जैसी फिल्मों के
गाने आज भी
दर्शकों द्वारा पसंद किए
जाते हैं और
गुनगुनाए जाते हैं। मेरा
चेहरा भले ही
इतना जाना-पहचाना
न हो, लेकिन
मेरे बोल और
गीत आज के
युवाओं के दिलों
को छूते हैं।
जब तक मेरी
लिखाई में सुननेवालों के
दिलों को छूने
की ताकत है,
मैं लिखता रहूंगा
क्योंकि लिखाई में अमर
रहने की ताकत
है। आज के
युवा भी बहुत
सुंदर लिख रहे
हैं, इसलिए उन्हें
जो भी प्रेरणा मिले,
उन्हें लिखते रहना
चाहिए। यह प्रेरणा देने
वाले विचार मशहूर
गीतकार समीर अंजान
ने व्यक्त किए।
अभिनेत्री प्राची शाह-पांडे ने कहा कि एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय का परिसर सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, क्योंकि इस स्थान को विश्वविख्यात अभिनेता राज कपूर का सान्निध्य प्राप्त हुआ है। यहां प्रवेशित छात्र बहुत खुशकिस्मत हैं और उन्हें अपना अच्छा भविष्य बनाने के लिए इस विश्वविद्यालय के मौकों का पूरा फायदा उठाना चाहिए।
तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में देश भर के मशहूर गायक, गीतकार और कलाकारों की इसमें जाने-माने गायक अमित मिश्रा, मराठी अभिनेता क्षितिज दाते, सेलिब्रिटी डांसर सिद्धेश थोरात और पुणे महानगरपालिका की 22 साल की युवा नगरसेविका सिद्धि शिलिमकर भी शामिल हुईं। इसके अलावा इस टेक्नो-कल्चर महोत्सव में प्रसिद्ध गायकों व उनके बैंड द्वारा लाइव संगीत प्रस्तुतियाँ, प्रौद्योगिकी, व्यवसाय,कला - संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रोंपर सूचनात्मक सत्र,छात्रों द्वारा नृत्य और नाटक प्रदर्शन, कोडिंग तथा तकनीकी प्रतियोगिताएँ, खेलकूद और अन्य मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
प्रो. डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि छात्रों में शिक्षा के साथ-साथ किसी न किसी रुचि का विकास करना बहुत जरूरी है। इस उद्देश्य से छात्रों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष 'पर्सोना महोत्सव' का आयोजन किया जाता है ताकि छात्रों के भीतर छिपे हुए कलाकार, गायक, चित्रकार और कवियों जैसे प्रतिभा को प्रोत्साहन मिल सकें और उनका व्यक्तित्व सर्वांगीण विकास हो। ‘पर्सोना’ 'का उद्देश्य छात्रों को देश की कला और संस्कृति में योगदान देने की प्रेरणा विश्वविद्यालय जीवन प्रदान यही हमारा उद्देश्य है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अशोक घुगे, डॉ. स्वप्निल शिरसाठ और प्रो. स्नेहा वाघटकर ने किया।
सुंदरता सांस्कृतिक विरासत हैं विश्वविद्यालय - अभिनेत्री भाग्यश्री पटवर्धन



0 टिप्पणियाँ