मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

मानसिक शक्ति को रखें मजबूत : प्रो. चंद्रकांत रागीट

 राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर ‘विश्व को कोरोना मुक्त कैसे करें’ पर चर्चा
वर्धा, अप्रैल (ह.ए. प्रतिनिधि)

पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर ‘विश्व को कोरोना से मुक्त कैसे करें’ विषय पर आयोजित चर्चा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के प्रति कुलपति प्रो. चंद्रकांत रागीट ने कहा है कि विश्व को कोरोना से मुक्त करने के लिए अपने भीतर की मानसिक शक्ति को मजबूत रखना चाहिए। हमें वैज्ञानिक तरीके से सोचकर प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है। नाम स्मरण जैसे भारतीय मूल चिंतन का दैनिक जीवन में प्रयोग करने से हम अपनी रोग प्रतिकार शक्ति को बढ़ा सकते हैं। 
पी आर एस आई के वर्धा, नागपुर, भोपाल, मुंबई, वडोदरा और अहमदाबाद चैप्टर की ओर से 21 अप्रैल को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस चर्चा में  जाने-माने न्यूरोसर्जन, सीआईआईएमएस नागपुर के निदेशक डॉ. लोकेंद्र सिंह, एम्स, भोपाल के निदेशक डॉ. सरमन सिंह, जनसंपर्क विशेषज्ञ डॉ. मितल मकरंद, यूनिसेफ, भोपाल के आशीष चौबे सहित कोरोना से मुक्त हुए व्यक्ति तथा पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विषय के विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किये। 
चर्चा में डॉ. लोकेंद्र सिंह ने कहा कि तन-मन का गठबंधन मजबूत रखकर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने से कोरोना से जीता जा सकता है। कोरोना के इस काल में सभी को ताजा भोजन खाना, 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए और भय को दूर रखना चाहिए। 
एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. सरमन सिंह ने कहा कि सोशल और अन्य मीडिया के माध्यम से कई प्रकार की सूचनाएं मिलती हैं, ऐसे में क्या सही क्या गलत, इसका ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने अन्य मौलिक सुझाव देते हुए बताया कि पेट के बल पर लेटना, भरपूर प्रोटीन, सब्जी, फल खाने से प्रतिकार शक्ति बढ़ती है। उन्होंने कहा कि मास्क पहनना, हाथ धोना, भीड़ से परहेज करना और संयम बरतने जैसे उपाय करने से कोरोना को दूर रखा जा सकता है। उन्होंने आहवान किया कि सभी को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। 
मीडिया विशेषज्ञ डॉ. मितल मकरंद ने  कहा कि सकारात्मकता का प्रोपगंडा करने से इस युद्ध को जीता जा सकता है। चर्चा में कोरोना की जंग से मुक्त हुए योगिता मालवीय, भोपाल, एस. पी. सिंह, नागपुर ने अपने अनुभव सुनाएं। 
चर्चा में पी आर एस आई वर्धा के बी. एस. मिरगे और अहमदाबाद के आर. के. सिंह, दिल्ली के दिलीप चौहान ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर जनसंपर्क और पत्रकारिता के विद्यार्थी गौरव चौहान, वर्धा, पल्लवी होता, अहमदाबाद, उत्कर्ष अमृत, नागपुर, एवं विवेक उपाध्याय, शुभेंदु प्रताप, योगिता मालवीय भोपाल ने भी अपने विचार साझा किए। 
स्वागत वक्तव्य पी आर एस आई मुंबई की अल्पना किल्लावाला ने किया। संचालन मुंबई विश्वविद्यालय में जनसंचार की प्रोफेसर डॉ. दैविता पाटिल ने किया। इस चर्चा में पी आर एस आई के विभिन्न चैप्टर के पदाधिकारियों, सदस्यों और मीडिया के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ