पिछले 2 महीनों से कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, उन्हें उपचार के लिए बेड मिलने के लिए बहुत दिक्कतें आ रही हैं। खून, प्लाज्मा, एम्बूलेंस के लिए भागना पड़ा रहा है। कोरोना से पीड़ित मरीजों के परिवार मदद के लिए अपने पहचान के चिकित्सक व अन्य लोगों का आधार ले रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र के अनेक डॉक्टरों ने चौबीसों घंटे सेवा करने का व्रत लिया है। ऐसे में अपने कर्तव्य के प्रति पूरी निष्ठा व लगन से समाज के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित होकर मरीजों की सेवा और मदद कर रहे हैं चिकित्सा क्षेत्र के डॉ. शंतनु जगदाले।
डॉ. शंतनु जगदाले द्वारा जारी मरीजों की सेवा से पिछले अनेक सालों से हड़पसरवासी परिचित हैं। किसी भी समय फोन करने पर तुरंत उपचार के लिए दौड़कर जरूरतमंदों की उपचार करने की उनकी पद्धति अनेक चिकित्सकों ने आत्मसात की है। साथ ही उचित सलाह व आगे के उपचार के लिए योग्य मार्गदर्शन करने की पद्धति ने उनकी एक अलग पहचान निर्माण की है। उन्होंने शुरूवात गोंधलेनगर में छोटेखानी क्लीनिक और बाद में अब मंतरवाडी (ता. हवेली, जि. पुणे) में क्लीनिक शुरू करके ग्रामीण भाग के मरीजों की सेवा कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ अनेक नागरिक अपने बच्चों के स्कूल व महाविद्यालयीन एडमिशन के लिए भी उनके पास जाते हैं, उन्हें भी योग्य मार्गदर्शन करते हुए उनकी मुश्किलें हल करने में उनका बड़ा योगदान है। पिछले साल से कोरोना का संक्रमण शुरू हुआ तब स्वास्थ्य उपचार के साथ-साथ राशन की मदद करने हेतु उन्होंने पहल की, जो अभी तक अविरत जारी है।
2 सालों से कोरोना महामारी ने हाहाकार मचा रखा है। बीच के समय में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या कुछ कम हुई थी, परंतु पिछले 2 महीनों से कोरोना संक्रमण का जोर बढ़कर कहर बरपा रहा है। आम जनता को उपचार लेने के लिए कसरत करनी पड़ रही है। कोरोना परीक्षण, आयोलेशन, उपचार के लिए बेड, ऑक्सीजन, एंबूलेंस, खून, ऐसी एक ना अनेक जरूरतों के लिए आम जनता डॉ. शंतनु जगदाले से संपर्क कर उनसे सहायता लेती है। कोरोना पीड़ित मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी पूरी सहायता प्रदान कर उनका मनोबल ऊंचा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वे बखूबी निभा रहे हैं।
इस कोरोना संक्रमण के कठिन समय में मरीजों की सेवा कर जरूरतमंदों को दो वक्त का खाना किस तरह मिल सके, इस हेतु भी एक अहम भूमिका वे निभा रहे हैं। उनके द्वारा जारी कार्य को सलाम !
डॉ. शंतनु जगदाले द्वारा जारी मरीजों की सेवा से पिछले अनेक सालों से हड़पसरवासी परिचित हैं। किसी भी समय फोन करने पर तुरंत उपचार के लिए दौड़कर जरूरतमंदों की उपचार करने की उनकी पद्धति अनेक चिकित्सकों ने आत्मसात की है। साथ ही उचित सलाह व आगे के उपचार के लिए योग्य मार्गदर्शन करने की पद्धति ने उनकी एक अलग पहचान निर्माण की है। उन्होंने शुरूवात गोंधलेनगर में छोटेखानी क्लीनिक और बाद में अब मंतरवाडी (ता. हवेली, जि. पुणे) में क्लीनिक शुरू करके ग्रामीण भाग के मरीजों की सेवा कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ अनेक नागरिक अपने बच्चों के स्कूल व महाविद्यालयीन एडमिशन के लिए भी उनके पास जाते हैं, उन्हें भी योग्य मार्गदर्शन करते हुए उनकी मुश्किलें हल करने में उनका बड़ा योगदान है। पिछले साल से कोरोना का संक्रमण शुरू हुआ तब स्वास्थ्य उपचार के साथ-साथ राशन की मदद करने हेतु उन्होंने पहल की, जो अभी तक अविरत जारी है।
2 सालों से कोरोना महामारी ने हाहाकार मचा रखा है। बीच के समय में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या कुछ कम हुई थी, परंतु पिछले 2 महीनों से कोरोना संक्रमण का जोर बढ़कर कहर बरपा रहा है। आम जनता को उपचार लेने के लिए कसरत करनी पड़ रही है। कोरोना परीक्षण, आयोलेशन, उपचार के लिए बेड, ऑक्सीजन, एंबूलेंस, खून, ऐसी एक ना अनेक जरूरतों के लिए आम जनता डॉ. शंतनु जगदाले से संपर्क कर उनसे सहायता लेती है। कोरोना पीड़ित मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी पूरी सहायता प्रदान कर उनका मनोबल ऊंचा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वे बखूबी निभा रहे हैं।
इस कोरोना संक्रमण के कठिन समय में मरीजों की सेवा कर जरूरतमंदों को दो वक्त का खाना किस तरह मिल सके, इस हेतु भी एक अहम भूमिका वे निभा रहे हैं। उनके द्वारा जारी कार्य को सलाम !

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