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औद्योगिक रुचि और गहन ज्ञान से नामुमकिन भी मुमकिन – कल्याणराव जाधव

Trinity College


ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग में उद्यमिता विकास कार्यशाला संपन्न

कोंढवा, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
के.जे.एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पुणे शैक्षिक संकुल के ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग में “उद्योग धंद्यांमधील आर्थिक तरतूद” इस विषय पर आधारित विशेष कार्यशाला का आयोजन गत गुरुवार को किया गया था।


के.जे.शैक्षिक संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कल्याणराव जाधव की अवधारणा से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अभिजित औटी की पहल से यह कार्यशाला उत्साह में संपन्न हुई। इस अवसर पर यहां  क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट  पुणे के महाप्रबंधक पंकज आचरेकर और युवा उत्थान संस्था पुणे के सदस्य प्रशांत गवली प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 
इस विशेष कार्यशाला में लगभग 550 छात्रों ने हिस्सा लिया है और सभी छात्रों से बहुत अच्छा  प्रतिसाद मिला है। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित गणमान्य अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत व दीप प्रज्वलन से की गई।

प्रास्ताविक में कार्यशाला का उद्देश स्पष्ट किया गया। छात्रों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) क्या है, इस बारे में पूरी जानकारी देना, संबंधित योजनाएँ, लोन की सुविधा और विभिन्न सरकारी छूट के बारे में मार्गदर्शन करना साथ ही नए उद्यमिता के लिए उपलब्ध सरकारी मदद एवं  वित्तीय अवसरों की व्याख्या बताना यह इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बताया गया।सभी पाठ्यक्रम के छात्रों में स्टार्ट-अप व स्व-रोजगार के लिए प्रेरणा निर्माण करना और नौकरी के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर खास ज़ोर दिया गया।


के.जे.एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष कल्याणराव जाधव ने छात्रों को मार्गदर्शन करते हुए कहा कि हमारी संस्था छात्रों के अच्छे भविष्य के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। आज के औद्योगिक युग में विश्वस्तरीय ज्ञान, उद्यमिता दृष्टि और वित्तीय प्रावधानों के बारे में जागरूकता के बारे में जानकारी ज़रूरी है। सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों के माध्यम से
समाज में आर्थिक अवसरों का अध्ययन करके उनका सही इस्तेमाल करके सफलता पक्की की जा सकती है। औद्योगिक रुचि व गहन ज्ञान की मदद से नामुमकिन काम भी मुमकिन हो सकता है। इस तरह की सक्रिय गतिविधियों की पहल से समाज में एक नई औद्योगिक क्रांति ला सकती है। प्रोफेसरों ने शिक्षा के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ज्ञान, नई तकनीक और वित्तीय प्रबंधन दृष्टिकोण छात्रों में विकसित करना चाहिए।


प्राचार्य डॉ. अभिजित औटी ने उद्योग, शिक्षा व रोज़गार के बीच आपसी संबंध को स्पष्ट करते हुए उन्होंने छात्रों से वे सिर्फ नौकरी ढूंढने के बजाय उद्यमशीलता का रास्ता अपनाएं, ऐसी अपील भी की।कौशल विकास व आत्मनिर्भरता भारत के नज़रिए से सीजीटीएमएसई योजनाओं का महत्व उन्होंने रेखांकित किया। “ज्ञान का पूरा इस्तेमाल करें और तरक्की करें; इससे देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।”उन्होंने ऐसा विश्वास जताया।


संस्थान के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) समीर कल्ला ने छात्रों को मार्गदर्किशन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

युवा उत्थान संस्था प्रतिनिधी प्रशांत गवली ने युवाओं के लिए उपलब्ध स्व-रोज़गार के अवसर,
प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सपोर्ट सिस्टम के बारे में जानकारी दी। साथ ही उदाहरण देकर बताया गया कि संगठन सीधे नए उद्यमियों को प्रत्यक्ष रूप से कैसे मदद करता है। उसका स्पष्टीकरण भी दिया।
 
क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट पुणे के महाप्रबंधक पंकज आचरेकर ने “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट योजना” इस विषयपर विस्तृत सत्र लिया। छात्रों व नए उद्यमियों के लिए उपलब्ध ऋण सुविधाएं, क्रेडिट गारंटी योजनाएं,सरकारी अनुदान और वित्तीय प्रावधान के बारे में मार्गदर्शन किया। इसके अलावा इस बात पर चर्चा की गई कि व्यवसाय शुरू करते समय आनेवाली पैसे की दिक्कतों को इन योजनाओं के माध्यम से कैसे दूर कर सकते हैं। यह समझाया गया।


सवाल-जवाब सत्र में छात्रों ने उनके विविध संदेह प्रस्तुत किए। उनके संदेह का सीजीटीएमएसई प्रतिनिधियों ने व्यावहारिक और संतोषजनक जवाब दिए। इस संवादी सत्र से छात्रों में उद्यमिता में विश्वास निर्माण होने का भरोसा दिखाई दिया। यह विश्वास इस समय व्यक्त किया गया।
इस तरह की कार्यशाला के कारण छात्रों में उद्योग क्षेत्र की वित्तीय योजना की गहरी जानकारी प्राप्त होकर करियर के नए अवसर उपलब्ध होंगे।


कार्यक्रम का सूत्रसंचालन और आभार प्रदर्शन प्लेसमेंट विभागप्रमुख प्रा. विराज बर्गे ने किया।

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